भारतीय सेना में छुट्टियां: जहां सेवा का अर्थ है निरंतर तैयारी
भारतीय सेना में कार्यरत जवानों को प्रति वर्ष 60 दिन की एनुअल छुट्टी और 30 दिन की कैजुअल छुट्टी मिलती है। यह अन्य सरकारी या निजी क्षेत्र की नौकरियों की तुलना में काफी अधिक है।
लेकिन यहां एक महत्वपूर्ण बात यह भी है कि इन छुट्टियों के बावजूद सेना की जिम्मेदारी हर पल तैयार रहने की होती है। अन्य डिपार्टमेंट के कर्मचारियों की तरह 8 घंटे की ड्यूटी यहां नहीं होती। जवान 24 घंटे अपनी ड्यूटी के लिए तैयार रहते हैं, चाहे वह छुट्टी हो या फिर रात के समय।
उनकी ड्यूटी का कोई निश्चित समय नहीं होता। कभी भी आपातकालीन स्थिति में उन्हें तुरंत तैनाती के लिए बुलाया जा सकता है। इसलिए, छुट्टियां मिलने के बावजूद, उनकी जिम्मेदारी और सेवा की भावना लगातार बनी रहती है।
सेना के जवानों के लिए छुट्टी का मतलब सिर्फ आराम नहीं, बल्कि एक संक्षिप्त विश्राम होता है, जिसके बाद फिर से
टिप्पणियाँ
अभी तक कोई टिप्पणी नहीं। सबसे पहले प्रतिक्रिया दें।