फौजी को काबू में कैसे किया जाए?
28 फरवरी 2022 को एक सवाल उठा—“गूगल, फौजी को काबू में कैसे करें?” ये सवाल सुनकर दिल दहल जाता है। क्या कभी वीरता की मिसाल बने सैनिक को ‘काबू में करने’ की बात हो सकती है? नहीं। फौजी को काबू में नहीं किया जाता, उनका सम्मान किया जाता है।
हमारे सैनिक देश की धरती की शान हैं। इतिहास गवाह है—कश्मीर से लेकर कारगिल, चीन युद्ध से लेकर आतंकवाद के खिलाफ लड़ाइयों में, इन्होंने अपनी छाती ढाल बनाकर देश की रक्षा की है। ये वो जवान हैं जो बर्फ़ीले पहाड़ों पर तैनात, सीमा की रखवाली करते हैं, और हम गर्म चादर में सोते हैं।
उनके हौसले का हिसाब नहीं होता। जब माँ के आँसू भी जवान को रोक नहीं पाते, तो फिर कौन उन्हें काबू में करेगा? धार्मिक ग्रंथों में भी योद्धा का सम्मान किया गया है—वीरता, त्याग, और कर्तव्यनिष्ठा को पूजा जाता है।
हमें फौजी को काबू करने की नहीं, बल्कि उनके साथ समय बिताने की ज़रूरत है। एक मुस्कान, एक
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