महाभारत में यादव: एक वीर वंश की गाथा
यादव एक प्राचीन क्षत्रिय वंश थे, जिनका उल्लेख महाभारत में विस्तार से मिलता है। इसी वंश में जन्मे थे भगवान कृष्ण – धर्म के रक्षक, युद्ध के रणनीतिकार और महाभारत के केंद्रीय चरित्र। यादव प्रारंभ में मथुरा के आसपास रहते थे और ग्वालों और चरवाहों के रूप में जीवन यापन करते थे।
हालांकि, उन्हें केवल देहाती लोग नहीं माना जाता। महाभारत उन्हें आभीर क्षत्रिय बताता है – ऐसी जनजाति जो युद्ध कला में निपुण थी और राजनीतिक ताकत रखती थी। कृष्ण ने जब मथुरा में अपने चाचा कंस के अत्याचार से लोगों को मुक्त किया, तो उन्हें नई शरण की जरूरत थी। इसी कारण उन्होंने पश्चिमी भारत में द्वारका में एक समृद्ध राज्य की स्थापना की।
यह राज्य समुद्र के बीच बसा था और यादवों की सामरिक तथा सांस्कृतिक उन्नति का प्रतीक था। महाभारत के युद्ध में कृष्ण ने पांडवों का साथ दिया, लेकिन खुद युद्ध नहीं लड़े। उनकी ताकत बुद्धि, धर्म
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