कश्मीर की सबसे खास रसोई: नदरू यख़िनी और गोश्तबा
जम्मू-कश्मीर की संस्कृति और रसोई दोनों ही ऐतिहासिक और समृद्ध रही है। यहां की रसोई में नदरू यख़िनी और गोश्तबा जैसी डिशेज़ ने ख़ास पहचान बनाई है।
नदरू यख़िनी एक ऐसी व्यंजन है जो घरेलू सादगी और शाही स्वाद का अनूठा मेल है। इसे कमल ककड़ी (नदरू) और दही के साथ इलायची, तेजपत्ता और अदरक के तेल में पकाया जाता है। इन मसालों की ख़ुशबू इस डिश को बेहद आकर्षक बना देती है। यह नारम, मलाईदार और गर्मियों में भी ठंडक देने वाला व्यंजन है।
दूसरी तरफ, गोश्तबा कश्मीरी रसोई की शाही पहचान है। यह मेमोने के मसालेदार, पीसे हुए मांस के गोले होते हैं, जिन्हें दही की गाढ़ी ग्रेवी में धीमी आंच पर पकाया जाता है। कहा जाता है कि यह डिश कश्मीर के राजमहलों में पहले से ही पसंद की जाती थी। आज भी यह विशेष अवसरों और भोजों में परोसी जाती है।
कश्मीर के खाने में न सिर्फ स्वाद होता है,
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