सर्वोच्च धर्म कौन है?
धर्म के बारे में सोचते हुए अक्सर लोग पूछते हैं – कौन सा धर्म महान है? लेकिन महाभारत के एक गहन पल में, भीष्म पितामह इस प्रश्न का उत्तर देते हैं, न कि किसी धर्मग्रंथ या विचारधारा के जरिए, बल्कि एक व्यक्ति के माध्यम से।
भगवान कृष्ण ही सर्वोच्च धर्म हैंयुद्ध के मैदान से हटकर, जब भीष्म अपने अंतिम क्षणों में शरधार पर होते हैं, तब वे भगवान कृष्ण की ओर इशारा करते हुए कहते हैं – “येशा मे सर्व धर्माणाम् धर्मोधिकतमो मतः” – यानी, "मेरे लिए इन सभी धर्मों में कृष्ण सबसे श्रेष्ठ धर्म हैं।"
यहाँ धर्म कोई नियम, क्रिया या संप्रदाय नहीं है। यह एक सच्चे मार्गदर्शक के रूप में प्रकट होता है – वह व्यक्ति जो सत्य, प्रेम और न्याय का साक्षात् स्वरूप है। कृष्ण ने न केवल गीता में अर्जुन को समझाया कि कर्म और भक्ति कैसे करें, बल्कि आचरण से यह भी दिखाया कि धर्म क्या है।
आज भी, जब हम अलग-अलग धर्मों के बीच तुलना करते हैं, तो भीष्म का यह उपदेश याद
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