श्री राधा की अंतिम इच्छा और कृष्ण का विरह
श्री राधा और भगवान कृष्ण के प्रेम की कहानी सदियों से दिलों को छू जाती है। कहा जाता है कि जब राधा का अंत समय निकट आया, तो उनकी अंतिम इच्छा थी — कृष्ण को अपने लिए बांसुरी बजाते हुए सुनना।
उस पल, कृष्ण ने ऐसी मधुर धुन बजाई, जिसने वृंदावन की हवाओं को भी मंत्रमुग्ध कर दिया। यह संगीत न सिर्फ राधा के कानों तक पहुंचा, बल्कि उनके आत्मा तक में समा गया। उनके शरीर से आत्मा का निकलना प्रेम के उस अद्भुत संगीत के साथ हुआ।
राधा के जाने के बाद कृष्ण का हृदय टूट गया। उन्होंने अपनी प्रिय बांसुरी को तोड़ दिया, क्योंकि अब वह सिर्फ राधा के लिए बज सकती थी। उन्होंने फिर कभी बांसुरी नहीं बजाई। ऐसा माना जाता है कि वह धुन आज भी वृंदावन के जंगलों में गूंजती है, जहां प्रेम की एक अनकही याद आज भी जिंदा है।
राधा की अंतिम इच्छा सिर्फ एक इच्छा नहीं थी — यह प्रेम की पूर्णता का प्रतीक है। और कृष्ण का बांसुरी तोड़ना सिर्फ एक
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