काली और पार्वती: एक ही देवी के दो रूप

काली और पार्वती दोनों ही भगवान शिव की ऊर्जा के अलग-अलग पहलुओं को दर्शाती हैं। बाहरी नजर से ये अलग लग सकती हैं, लेकिन वास्तव में ये एक ही शक्ति के अलग-अलग रूप हैं। पार्वती सौम्य, कोमल और सृजन की देवी हैं, जबकि काली उग्र, नाशक और समय की देवी के रूप में प्रकट होती हैं।

प्राचीन ग्रंथ लिंग पुराण में एक महत्वपूर्ण कथा मिलती है। जब राक्षस दारुक ने देवताओं को परेशान करना शुरू किया, तो शिव ने पार्वती से उसका वध करने को कहा। तब पार्वती ने काली के रूप में रूपांतर लिया। उनका रूप इतना भयानक हो गया कि उनका क्रोध राक्षस के वध के बाद भी शांत नहीं हुआ। उनकी जीभ लंबी हो गई, शरीर काला पड़ गया, और वे नृत्य करती हुई संहार की ओर बढ़ने लगीं।

यहीं से काली की उत्पत्ति मानी जाती है — एक रूप जो पार्वती के भीतर छिपी शक्ति का प्रकट रूप है। इस कथा से पता चलता है कि पार्वती केवल गृहणी या स्नेहमयी माता नहीं हैं, बल

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