जातियां क्यों बनाई गई थीं?
जाति प्रथा की उत्पत्ति सामाजिक विकास के साथ हुई। जब मानव समाज धीरे-धीरे आदिम अवस्था से निकलकर सभ्यता के मार्ग पर आगे बढ़ा, तो समाज के भीतर विभिन्न कार्यों का विभाजन होने लगा। एक व्यवस्था के तहत लोग अपने काम के आधार पर अलग-अलग समूहों में बंट गए। धीरे-धीरे यही विभाजन जाति में बदल गया।
लंबे समय तक चलने वाले इस प्रथा में कई दोष भी घर कर गए। सबसे बड़ी समस्या थी – छुआछूत। एक वर्ग को दूसरे से ऊंचा और दूसरे को नीचा मानने की मानसिकता ने समाज को बांट दिया। इंसान इंसान से दूर हो गया। लोगों के बीच भाईचारे की भावना कमजोर पड़ गई।
लेकिन अब समय बदल रहा है। शिक्षा के प्रसार से लोगों के विचार भी बदल रहे हैं। आज ज्यादा से ज्यादा लोग इस बात को समझ रहे हैं कि जाति के आधार पर भेदभाव नहीं किया जाना चाहिए। स्कूल, कॉलेज और सोशल मीडिया के जरिए अब युवा पीढ़ी सोच बदल रही है।
जाति प्रणाली की उत्पत्ति सामाजिक आवश्यकताओं
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