कृष्ण कहाँ चले गए हैं?
यह सवाल सदियों से हर भक्त के मन में गूंजता रहा है। कृष्ण कहाँ चले गए? वे तो आज भी वृंदावन की वनलताओं, यमुना के किनारे, और हर बांसुरी की तान में बसते हैं। लेकिन जब बात शारीरिक उपस्थिति की हो, तो इतिहास और पुराण कहते हैं कि एक समय आया जब कृष्ण को वृंदावन छोड़कर मथुरा जाना पड़ा।
राधा के साथ उनका लीला-संबंध इतना गहरा था कि बांसुरी बजते ही सारा वृंदावन मोहित हो उठता था, लेकिन सबसे अधिक मोहित होने वाली थीं राधा। वे कृष्ण के प्रेम की अंतहीन धारा में डूबी रहती थीं। फिर भी, कृष्ण को अपने वास्तविक धर्म और राजकुल की ज़िम्मेदारी का एहसास हुआ।
उस समय, वसुदेव और देवकी के बेटे के रूप में, कृष्ण का कर्तव्य मथुरा बुला रहा था। इसलिए, एक दिन वे चुपचाप वृंदावन को छोड़कर मथुरा की ओर चल पड़े। गोपियाँ, और खासकर राधा, उनके बिना टूट गईं, लेकिन कृष्ण का प्रेम कभी नहीं टूटा।
कृष्ण तो शारीरिक रूप से चले गए, लेक
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