श्री कृष्ण का अंतिम संस्कार – देहोत्सर्ग, द्वारका

भगवान श्री कृष्ण के जीवन का अंतिम प्रसंग द्वारका के पवित्र स्थल देहोत्सर्ग पर घटित हुआ। यह स्थान त्रिवेणी संगम के निकट स्थित है, जहाँ हिरण्य, कपिला और सरस्वती नामक तीन नदियों का मिलन होता है। मान्यता है कि यहीं पर भगवान कृष्ण ने अपने मानव शरीर का त्याग किया और निज धाम, अर्थात स्वर्गीय लोक की ओर प्रस्थान किया।

पुराणों और स्थानीय मान्यताओं के अनुसार, श्री कृष्ण का दाह-संस्कार भी इसी स्थान पर हुआ था। आज यह पवित्र स्थल देहोत्सर्ग तीर्थ के नाम से जाना जाता है और लाखों भक्त यहाँ दर्शन के लिए आते हैं। यहाँ एक प्राचीन मंदिर भी है, जहाँ कृष्ण के अंतिम क्षणों को स्मरण किया जाता है।

देहोत्सर्ग सिर्फ एक ऐतिहासिक स्थल नहीं, बल्कि आध्यात्मिक महत्व का केंद्र भी है। यहाँ के कुंड और वातावरण में एक अनोखी शांति अनुभव होती है। भक्त मानते हैं कि इस पावन भूमि पर पधारने से मनुष्य को जीवन के अंतिम लक्ष्य – मोक्ष की

यह भी देखें

विस्तृत लेख

संबंधित विषय