रुक्मिणी को क्यों मिला था श्राप – एक दुखांत कथा

भगवान कृष्ण की प्रिय पत्नी रुक्मिणी के जीवन में एक ऐसा भी पल आया था, जब उन्हें प्रिय वर के वियोग का दुख झेलना पड़ा। इस दुख का कारण बताया जाता है ऋषि दुर्वासा का श्राप

कथा के अनुसार, एक बार रुक्मिणी ऋषि दुर्वासा के रथ को खींच रही थीं। गर्मी का समय था, और बहुत तेज प्यास लगी। पानी के एक घड़े के पास पहुँचकर, वे बिना अपने अतिथि दुर्वासा को सबसे पहले पानी पिलाए, थोड़ा पी लीं। यह अदर्शन ऋषि को इतना नाराज कर गया कि उन्होंने क्रोधित होकर रुक्मिणी पर श्राप दे दिया—वे अपने प्रिय पति कृष्ण से विछड़ जाएँगी।

यद्यपि यह कथा पौराणिक है, तथापि इसके पीछे एक नैतिक संदेश छिपा है—अतिथि का सम्मान हमेशा सर्वोपरि होना चाहिए। रुक्मिणी की छोटी सी भूल उन्हें बहुत महंगी पड़ गई।

फिर भी, यह श्राप कृष्ण के प्रेम और विश्वास में कभी कमी नहीं आने दे सका। कहा जाता है कि बाद में इस श्राप का प्रभाव समाप्त हो गया, लेकिन यह कथ

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