रुक्मिणी और कृष्ण: एक पौराणिक प्रेम कथा
भगवान कृष्ण और रुक्मिणी के प्रेम की कथा हिंदू धर्मग्रंथों में एक महत्वपूर्ण स्थान रखती है। आम धारणा के विपरीत, कोई प्रमाण नहीं है कि रुक्मिणी कृष्ण से बड़ी थीं। बल्कि, पुराणों और स्थानीय मान्यताओं के अनुसार, दोनों लगभग एक ही उम्र के थे जब उनका विवाह हुआ।
दुर्वासा ऋषि और यादव कुल की बात करें, तो यदुवंशी उन्हें अपना कुलगुरु मानते थे। कथा कहती है कि एक बार दुर्वासा ऋषि के आश्रम में भगवान कृष्ण ने भेंट की, लेकिन ऋषि के क्रोध के कारण वहाँ रहना मुश्किल हो गया। इसी दौरान, कृष्ण और रुक्मिणी के बीच भक्ति और प्रेम का संबंध गहरा होता गया।एक रोचक कथा के अनुसार, कृष्ण और रुक्मिणी को एक बार 12 साल तक अलग रहना पड़ा था। यह अलगाव कई कारणों से हुआ — राजनीतिक तनाव, भ्रांति और तपस्या की आवश्यकता। लेकिन उनका प्रेम समय के परीक्षण में अटूट रहा। रुक्मिणी की निष्ठा और कृष्ण की भक्ति ने इस अलगाव को भी पवित्रता से भर दिय
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