कंस का जन्म और उसका उदय

कंस का जन्म मथुरा के राजा उग्रसेन और रानी पद्मावती के घर हुआ था। वह चंद्रवंशी क्षत्रियों के वंश में जन्मे थे, जिसके कारण उनके भीतर राजसी लालसा और ताकत के प्रति आकर्षण स्वाभाविक था। लेकिन कंस सिर्फ विरासत में मिले राज्य से संतुष्ट नहीं थे।

बड़ा होकर वह शक्तिशाली हो गए। उन्होंने अपने दृढ़ विश्वासियों बाणासुर और नरकासुर की सलाह पर चलते हुए अपने ही पिता राजा उग्रसेन को सिंहासन से हटा दिया। इस तरह, बलप्रयोग और राजनीतिक छल के बाद वह मथुरा के नए शासक बन गए।

हालांकि कंस क्रूर और अहंकारी थे, लेकिन वह अपनी बहन देवकी से बहुत प्रेम करते थे। यही कारण था कि शुरुआत में उन्होंने देवकी की शादी के समय उनका बहुत सम्मान किया। उनके इस प्रेम के बावजूद, भाग्य के एक अजब मोड़ ने उन्हें देवकी के ही बच्चे के खिलाफ खड़ा कर दिया।

धीरे-धीरे, शक्ति के लालच ने कंस को इतना अंधा कर दिया कि वह दिव्य भविष्यवाणी के डर से देवकी

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