भगवान कृष्ण का रंग काला क्यों है?
कई लोग आज भी सोचते हैं कि भगवान कृष्ण का काला रंग क्यों है। लेकिन यह सिर्फ एक रंग नहीं, बल्कि उनकी दिव्यता का प्रतीक है। पुराणों के अनुसार, भगवान विष्णु ने देवकी के गर्भ में दो बाल स्थापित किए थे – एक काला और एक सफ़ेद।
काले बाल से जन्मे श्रीकृष्ण, जिनका वर्ण श्याम था, और सफ़ेद बाल से बलराम का जन्म हुआ। इसलिए कृष्ण को 'श्याम' या 'कृष्ण' कहा जाता है, जिसका अर्थ है काला या गहरे नीले रंग का।
लेकिन यहाँ 'काला' रंग सामान्य त्वचा का वर्ण नहीं, बल्कि अनंत ब्रह्मांड की गहराई और रहस्य का प्रतीक है। कृष्ण का श्याम वर्ण उनकी अनंत शक्ति, रहस्यमयता और सौंदर्य को दर्शाता है। मान्यता है कि जो भक्त उनके इस श्याम रूप को मन में धारण करते हैं, उन्हें सभी त्रासदियों से मुक्ति मिलती है।
कृष्ण का काला रंग उनकी मानवीय छवि का हिस्सा है, लेकिन उसके पीछे छिपा अर्थ अत्यंत गहरा है। वे न केवल गोकुल के बाल
टिप्पणियाँ
अभी तक कोई टिप्पणी नहीं। सबसे पहले प्रतिक्रिया दें।