राधा जी को क्या श्राप मिला था?

राधा और कृष्ण के प्रेम की कहानी सिर्फ भक्ति नहीं, बल्कि आत्मा की गहराई तक उतरने वाली एक अनूठी मिसाल है। कहा जाता है कि राधा जी के लिए कृष्ण उस प्राण-वायु के समान थे, जिसके बिना जीना असंभव था। उनकी नजरों से ओझल होते ही राधा बेचैन हो उठतीं।

लेकिन क्या आप जानते हैं कि इसी अटूट प्रेम के बीच एक अजीब श्राप की छाया भी थी? कहा जाता है कि राधा को विरह का श्राप किसी दैवीय शक्ति या राजा-रानी से नहीं, बल्कि कृष्ण के ही सबसे निकट मित्र सुदामा से मिला था।

हाँ, वही सुदामा, जो गरीबी में भी कृष्ण के प्रेम में डूबे रहे। कथा के अनुसार, एक बार सुदामा ने कृष्ण के साथ बैठे राधा को देखा तो मन में विचार आया—क्या यह संबंध निरंतर बना रहेगा? इसी विचार के कारण, जैसे-तैसे, राधा पर विरह का श्राप पड़ गया। और फिर वही हुआ जो सभी जानते हैं—कृष्ण और राधा कभी विवाहित नहीं हुए, प्रेम अधूरा रह गया।

लेकिन यह अधूरापन ही उ

यह भी देखें

विस्तृत लेख

संबंधित विषय