राधा और कृष्ण का पुनर्मिलन
राधा और कृष्ण का प्रेम ऐसा है, जिसकी कहानी सदियों से भक्तों के हृदय में बसी हुई है। जब कृष्ण वृंदावन छोड़कर मथुरा चले गए, तब राधा के लिए उनका सानिध्य सिर्फ एक स्मृति बनकर रह गया। लेकिन भक्ति की गहराई में, दूरियाँ कभी अंत नहीं होतीं।
कहा जाता है कि एक सूर्यग्रहण के अवसर पर, जब कृष्ण द्वारिका से कुरुक्षेत्र आए, तब वृंदावन से नंद बाबा के साथ राधा भी वहां पहुंचीं। यहीं उनका पुनर्मिलन हुआ। हालाँकि बाहरी आँखों को शायद बस एक सामूहिक सभा दिखी हो, लेकिन सच्चे भक्तों के लिए यह क्षण अत्यंत पवित्र था।
कुरुक्षेत्र में उनकी मुलाकात लंबे समय तक नहीं रही, लेकिन उस एक पल में राधा के हृदय की वेदना शांत हो गई। कृष्ण की मुस्कान और राधा की भक्ति फिर से एक हो गईं। कुछ कहते हैं कि वे बात भी नहीं कर पाए, लेकिन आँखों में आँखें डालकर दोनों ने सब कुछ कह दिया।
यह पुनर्मिलन न सिर्फ एक ऐतिहासिक घटना है, बल्कि भक्त और भगवान के म
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