राम और कृष्ण में कौन बड़ा? सोच भी नहीं सकते!
लोग अक्सर पूछते हैं कि राम और कृष्ण में कौन बड़ा है? ऐसा प्रश्न करना थोड़ा मानो सूर्य और चांद में कौन चमकदार है, यह पूछने जैसा है। दोनों ही भगवान विष्णु के स्वयंभू अवतार हैं, इसलिए उनमें तुलना करना उचित नहीं।
कहा जाता है कि राम जी में १६ कलाएं थीं, लेकिन उन्होंने उन्हें पूरी तरह प्रकट नहीं किया। वहीं, कृष्ण जी में भी वही १६ कलाएं थीं, और उन्होंने समय-समय पर उन्हें प्रकट किया। पर इसका मतलब यह नहीं कि एक दूसरे से अधिक है। दोनों में भेद नहीं है — दोनों एक ही ईश्वर के रूप हैं।
हिंदू धर्म में माना जाता है कि भगवान के सभी अवतार एक ही आत्मा के अंश हैं। चाहे वह राम हों, कृष्ण हों या कोई और अवतार — सबमें वही दिव्यता बसती है।
इसलिए बजाय इनमें तुलना करने के, उनकी लीलाओं से प्रेरणा लेनी चाहिए। राम के आदर्श पर चलने का अर्थ है न्याय, धर्म और कर्तव्य की भावना। तो कृष्ण के मार्गद
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