राधा की अंतिम इच्छा
भगवान कृष्ण और राधा के प्रेम की कहानी भक्ति और त्याग की अमर मिसाल है। जब कृष्ण मथुरा जाने के लिए वृंदावन से छूटे, तब राधा के हृदय में एक गहरा दर्द उठा। उस दिन के बाद उनकी जिंदगी बस एक तड़प बनकर रह गई।
राधा की अंतिम इच्छाकहा जाता है कि राधा की अंतिम इच्छा थी — वे आखिरी बार कृष्ण को बांसुरी बजाते हुए देखना चाहती थीं। वह बांसुरी की मधुर धुन जो एक बार वृंदावन की घाटियों में गूंजा करती थी, उसकी याद उनके मन में हमेशा जीवित रही।
जब कंस ने कृष्ण और बलराम को मथुरा बुलाया, तो यह पहला अवसर था जब कृष्ण वृंदावन से दूर हुए। इस खबर से वृंदावन के लोग दु:खी हो गए। लेकिन सबसे अधिक पीड़ित राधा थीं, जिनके लिए कृष्ण का प्रेम सर्वस्व था। उनका हृदय उस बांसुरी के स्वर के बिना अधूरा रह गया।
आज भी भक्त राधा के उस तड़पते प्रेम को याद करते हैं। उनकी इच्छा सिर्फ एक दृश्य नहीं थी — वह आखिरी बार प्रेम का साक्षात्कार करने
टिप्पणियाँ
अभी तक कोई टिप्पणी नहीं। सबसे पहले प्रतिक्रिया दें।