राधा अष्टमी पर राधा रानी की पूजा विधि

राधा अष्टमी के दिन भक्त राधा रानी की विधिवत पूजा करते हैं। इस दिन सूर्योदय से पहले उठकर स्नान करके साफ वस्त्र धारण करें। फिर जहां पूजा करनी हो, उस स्थान पर गंगाजल छिड़ककर उसे पवित्र करें।

एक चौकी पर लाल रंग का कपड़ा बिछाएं और उस पर राधा-कृष्ण की मूर्ति या तस्वीर स्थापित करें। अब राधा रानी का षोडशोपचार पूजन करें — अर्थात् पहले पाद्य, अर्घ्य, फिर स्नान, वस्त्र, गंध, फूल, धूप, दीप और नैवेद्य अर्पित करें। पूजा के दौरान मन एकाग्र करके मंत्र “ॐ ह्रीं राधिकायै नम:” का जाप करें। इस मंत्र में भक्ति और शक्ति का समावेश है।

पूजा के बाद राधा चालीसा का पाठ अवश्य करें। इसके माध्यम से राधा रानी की कृपा प्राप्त होती है। कई घरों में इस दिन भजन-कीर्तन भी आयोजित होते हैं।

मान्यता है कि निष्काम भाव से की गई राधा रानी की पूजा से जीवन में सुख, शांति और प्रेम का संचार होता है।

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