कृष्ण जन्माष्टमी: वृंदावन का अनूठा उल्लास

वृंदावन उस प्रेम और भक्ति का केंद्र है, जो काल से कान्हा यानी भगवान कृष्ण के साथ जुड़ा हुआ है। हर साल भाद्र मास की कृष्ण अष्टमी को कृष्ण जन्माष्टमी के रूप में मनाया जाता है, जब देशभर में भक्ति की लहर दौड़ पड़ती है। इस बार यह पर्व 18 और 19 अगस्त को मनाया जा रहा है।

हालांकि कृष्ण का जन्म मथुरा में हुआ था, लेकिन उनका बचपन का समय, उनकी माखन चोरी, बंसी की मधुर धुन और गोपियों के साथ रासलीला सबकुछ गोकुल और वृंदावन की धरती से जुड़ा है। इसीलिए वृंदावन में जन्माष्टमी का उत्सव पूरे देश में सबसे भव्य और भावुकता से भरा होता है।

मंदिरों में भक्ति गीतों की गूंज होती है, झूले में बाल गोपाल की मूर्ति को झुलाया जाता है और आषाढ़ी की रात को तो वृंदावन भक्ति के सागर में तब्दील हो जाता है। कान्हा के नाम पर यहां की हवा भी तरबतर हो जाती हे।

वृंदावन केवल एक धार्मिक स्थल

यह भी देखें

विस्तृत लेख

संबंधित विषय