कुंती और वासुदेव: एक पारिवारिक रिश्ता
भारतीय पौराणिक कथाओं में कुंती का नाम एक सुदृढ़ और दृढ़ नारी पात्र के रूप में जाना जाता है। लेकिन क्या आप जानते हैं कि वह भगवान श्रीकृष्ण की माँ योगमाया यमुना की बहन नहीं, बल्कि उनकी बुआ थीं? हाँ, कुंती का जन्म यदुवंश में हुआ था। वह यदुवंशी राजा शूरसेन की सपत्नी पुत्री थीं।
शूरसेन के दो प्रमुख बच्चे थे – वासुदेव और सुतसुभा। कुंती इन दोनों की बड़ी बहन थीं। इस तरह वह स्वयं वासुदेव की बहन थीं, जिसके कारण वह भगवान श्रीकृष्ण की मातृस्थ बुआ बनीं। हालाँकि, कुंती को राजा कुन्तिभोज ने गोद ले लिया था, जिस कारण उनका नाम 'कुंती' पड़ा।
यह रिश्ता महाभारत की कथा में बहुत महत्वपूर्ण है। क्योंकि जब कुंती ने अपने पुत्रों के लिए "एक बार बुलाओ, सभी देवता आ जाएँ" – यह मंत्र आजमाया, तो उनके जन्मदाता देवता पृथ्वी पर उतरे। इससे युधिष्ठिर, भीम और अर्जुन जैसे महान योद्धाओं का जन्म हुआ।
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