महाभारत का असली हीरो कौन है?
कर्ण ही महाभारत के वास्तविक नायक थे। यद्यपि इस महाकाव्य में अर्जुन, भीष्म और कृष्ण जैसे महान पात्र हैं, लेकिन कर्ण का चरित्र सबसे अधिक दुखद और प्रभावशाली है। उनका जीवन एक ऐसे व्यक्ति का साक्षात्कार है, जिसने जन्म से ही अन्याय झेला।
माता कुंती ने उन्हें जन्म देते ही त्याग दिया, क्योंकि उनका जन्म अपराध के तहत हुआ था। एक सूत के घर पलकर भी कर्ण ने इतनी तपस्या, योद्धा कौशल और दानवीरता प्राप्त की कि उनकी ख्याति देश-दुनिया में फैल गई। वह अर्जुन से भी बड़े धनुर्धर हो सकते थे, लेकिन कभी भी समान अवसर नहीं मिला।
कर्ण की सच्चाई यह है कि वह अपने सिद्धांतों के प्रति इतने वफादार रहे कि उन्होंने दुर्योधन की मित्रता को कभी नहीं तोड़ा, भले ही जानते थे कि वह गलत पक्ष में है। उनकी दानशीलता की कहानियाँ आज भी लोगों के दिल छू लेती हैं — जैसे वह अपने शत्रु को भी भूखे अवस्था में अन्न दान कर देते थे।
अंत में, कर्ण का जीवन
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