सांबा को कृष्ण ने क्यों श्राप दिया?

श्रीकृष्ण के पुत्र सांबा का नाम भागवत कथाओं में अक्सर उल्लेखित होता है। एक दिन एक पत्नी, नंदिनी नाम की महिला, सांबा की पत्नी का वेश धारण कर उसके साथ सो गई। यह घटना बहुत गंभीर थी, क्योंकि इसमें परिवार की इज्जत और धर्म का प्रश्न था। जब ऋषि नारद ने यह बात श्रीकृष्ण को बताई, तो वे बहुत दुखी हुए। कृष्ण ने तत्काल सांबा पर एक श्राप लगा दिया।

श्राप के अनुसार, सांबा को कोढ़ की भयंकर बीमारी होगी और मृत्यु के बाद उनकी पत्नियों को लुटेरों द्वारा अपहरण कर लिया जाएगा। यह श्राप न केवल एक दंड था, बल्कि धर्म और आचरण की गंभीरता को दर्शाता था। कृष्ण, जो स्वयं धर्म के रक्षक माने जाते हैं, इस घटना में न्याय की भावना से प्रेरित थे।

हालांकि सांबा कृष्ण के पुत्र थे, लेकिन धर्म के सामने किसी का भी रिश्ता दूसरे दर्जे का था। यह कथा हमें यह भी सिखाती है कि भले ही कोई उच्च वंश में जन्म ले, लेकिन अनुचित कार्य करने पर उसे भी परिणाम भुगत

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