अंग्रेजों का भारत आगमन

अंग्रेज लोग सबसे पहले व्यापार के उद्देश्य से भारत आए थे। 1600 में ब्रिटिश ईस्ट इंडिया कंपनी की स्थापना हुई, और 1608 में कंपनी के व्यापारी सूरत के बंदरगाह पर उतरे। यहीं से अंग्रेजों का भारत में प्रवेश शुरू हुआ। शुरू में वे केवल मसाले, सूती वस्त्र और रेशम के व्यापार में रुचि रखते थे, लेकिन धीरे-धीरे व्यापार से राजनीतिक प्रभाव तक का सफर तेजी से आगे बढ़ा।

18वीं सदी के उत्तरार्ध में, विशेषकर प्लासी के युद्ध (1757) के बाद, ब्रिटिश ईस्ट इंडिया कंपनी ने भारत में अपनी शक्ति की स्थापना की। धीरे-धीरे कई रियासतों पर कब्जा कर लिया गया और अंग्रेजी सत्ता का विस्तार हुआ।

हालांकि, सीधा ब्रिटिश शासन, जिसे 'ब्रिटिश राज' कहा जाता है, 1858 में शुरू हुआ। यह भारतीय विद्रोह (1857) के बाद हुआ, जब ईस्ट इंडिया कंपनी के शासन को समाप्त कर ब्रिटिश सरकार ने सीधे नियंत्रण संभाल लिया। इसके बाद 1947 तक भारत पर ब्रिटिश शासन जारी रहा।

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