भारत में पहला अंग्रेज कौन था?

1599 ईसवी में जॉन मिल्डन हाल नामक पहला अंग्रेज भारत आया था। यह एक ऐतिहासिक मोड़ था, जब पश्चिम के लोग भारत की ओर रुख करने लगे। भारत की समृद्धि, मसालों और रेशम के बारे में सुनकर यूरोप के व्यापारी यहाँ आने लगे।

इसके ठीक 15 महीने बाद, 31 दिसंबर 1600 को इंग्लैंड की रानी एलिजाबेथ प्रथम ने भारत में व्यापार करने के लिए ब्रिटिश ईस्ट इंडिया कंपनी को अधिकार पत्र (चार्टर) दिया। इसके तहत कंपनी को 15 साल तक भारत के साथ व्यापार करने की छूट दी गई।

दरअसल, उस समय दो अलग-अलग मार्गों से व्यापार का इंतजाम था। स्थल मार्ग से लीवेंट कंपनी को अधिकार था, जबकि समुद्री मार्ग से ईस्ट इंडिया कंपनी का दबदबा था। लेकिन धीरे-धीरे समुद्री व्यापार ज्यादा लाभकारी साबित हुआ और ईस्ट इंडिया कंपनी का प्रभाव बढ़ता चला गया।

यही वो शुरुआत थी, जिसने आगे चलकर भारत पर 200 साल तक ब्रिटिश शासन की नींव रखी। एक साधारण व्यापारी क

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