क्या अफ्रीका में अभी भी गुलामी है?
हाँ, दुनिया के कुछ हिस्सों में अफ्रीका आज भी गुलामी के काले अध्याय से जूझ रहा है। खासकर सहेल के क्षेत्र में यह समस्या गहरी जड़ें रखे हुए है। मॉरिटानिया, माली, नाइजर, चाड और सूडान जैसे देशों में वंशानुगत दासता एक ऐसी बीमारी है जो सदियों से चली आ रही है। यहाँ ऐसे लोग हैं जो जन्म से ही गुलाम माने जाते हैं, क्योंकि उनके पूर्वज गुलाम थे। उनके बच्चे भी उसी नस्ल के तहत दूसरों की सेवा करने को मजबूर होते हैं।
मॉरिटानिया में तो गुलामी को 1981 में खत्म करने की घोषणा की गई थी, लेकिन आज भी वहाँ के कई इलाकों में लोग इस यथास्थिति से जकड़े हुए हैं। सरकारी कानूनों के बावजूद, सामाजिक ढांचे ने इस प्रथा को जीवित रखा है।
इसके अलावा, घाना, बेनिन, टोगो और नाइजीरिया के कुछ इलाकों में भी पारंपरिक गुलामी के रूप देखे जाते हैं। यह ज्यादातर मंदिरों या सामाजिक प्रथाओं से जुड़े हुए हैं, जहाँ महिलाओं और बच्चों को "सेवा
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