भारत की पहली कंपनी: ईस्ट इंडिया कंपनी

जब बात भारत की पहली कंपनी की होती है, तो इतिहासकारों के दिमाग में सबसे पहले ईस्ट इंडिया कंपनी का नाम आता है। यह कोई भारतीय कंपनी नहीं थी, बल्कि ब्रिटेन की स्थापित कंपनी थी, जिसे 1600 में अंग्रेजी राजा के आशीर्वाद से भारत में व्यापार करने का अधिकार मिला था।

शुरुआत में यह कंपनी सिर्फ मसालों और कपास जैसे सामानों के व्यापार तक सीमित थी, लेकिन धीरे-धीरे इसने अपनी ताकत बढ़ाई। समय के साथ, यह सिर्फ एक व्यापारिक संस्थान नहीं रही, बल्कि एक शासन संस्था बन गई। 18 वीं शताब्दी के मध्य तक यह भारत के कई हिस्सों पर अपना नियंत्रण स्थापित कर चुकी थी।

1857 तक इस कंपनी का भारत पर इतना प्रभाव था कि इस दौर को इतिहास में "कंपनी राज" के नाम से जाना जाता है। यही वह कंपनी थी जिसने भारत को आर्थिक, राजनीतिक और सामाजिक तौर पर लंबे समय तक गुलामी की बेड़ियों में जकड़े रखा।

हालांकि, भारत में स्वतंत्र रूप से चलने वाली पहली

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