हिन्द-यवन: भारत और यूनान की संस्कृति का मेल
हिन्द-यवन, जिन्हें कभी-कभी हिंदी में 'हिंद-यूनानी' भी कहा जाता है, वास्तव में उन यूनानी मूल के शासकों को कहा जाता है जिन्होंने भारतीय उपमहाद्वीप के पश्चिमोत्तरी क्षेत्रों पर 200 ईसा पूर्व से लेकर लगभग 10 ईस्वी तक शासन किया। ये राज्य उस समय के पंजाब, सिंध और आधुनिक अफगानिस्तान के कुछ हिस्सों में फैले थे।
मैसेडोनियाई साम्राज्य के पतन के बाद अलेक्जेंडर के सैनिकों के अधिकारियों के वंशजों ने भारत में अपना राज्य स्थापित किया। इनमें से प्रमुख थे बक्त्रिया के राजा, जो धीरे-धीरे भारतीय क्षेत्रों में घुसपैठ करते गए। इस दौरान लगभग 30 से भी अधिक हिन्द-यवन राजा हुए, जो अक्सर आपस में लड़ाई करते रहे।
इन राजाओं ने यूनानी और भारतीय संस्कृति को जोड़ा। वे बौद्ध धर्म में रुचि रखते थे और कई ने बौद्ध संतों को संरक्षण दिया। मिले हुए सिक्के, जिन पर यूनानी और ब्राह्मी लिपि दोनों थीं, इस एकता का प्रतीक थ
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