शेयर बाजार के गुरु: राकेश झुनझुनवाला
राकेश झुनझुनवाला को अक्सर भारत का वॉरेन बफेट कहा जाता था। उनकी समझदारी, दूरदृष्टि और लंबी अवधि के निवेश के फैसले ने शेयर बाजार में एक नई प्रेरणा की लहर छोड़ी। 14 अगस्त 2022 को, 62 साल की उम्र में उनके निधन ने पूरे देश के निवेशकों को झकझोर दिया।
शुरुआत में सिर्फ दो लाख रुपये के साथ शेयर बाजार में कदम रखने वाले झुनझुनवाला ने धीरे-धीरे अपनी संपत्ति को अरबों में पहुंचाया। उन्होंने छोटे निवेशकों को यह संदेश दिया कि सही समय पर सही कदम उठाने से बड़ा फायदा हो सकता है।
उनका विश्वास था कि शेयर बाजार में सफलता के लिए धैर्य और अनुशासन सबसे ज्यादा जरूरी है। कंपनियों के बारे में गहराई से अध्ययन करना, बाजार के उतार-चढ़ाव में शांत रहना और लंबे समय तक निवेश बनाए रखना — यही उनकी सफलता की कुंजी थी।
आज भी जब कोई नया निवेशक शेयर बाजार में कदम रखता है, तो राकेश झुनझुनवाला के नाम की चर्चा अक्सर हो
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