हमारा संविधान किसने लिखा?
क्या आप जानते हैं कि भारत का संविधान हाथ से लिखा गया है? हाँ, यह सच है। यह दुनिया का सबसे बड़ा हथलिखित संविधान है। लेकिन यह किसने लिखा? इसका श्रेय जाता है प्रेम बिहारी नारायण रायजादा को।
प्रेम बिहारी नारायण रायजादा एक प्रसिद्ध कलमकार थे। उन्होंने 1950 में लाल किताबों में लाल स्याही से संविधान के दोनों प्रतियों — हिंदी और अंग्रेजी में — को सुलेख शैली में लिखा। यह काम लगभग चार वर्षों में पूरा किया गया, जिसमें असाधारण धैर्य, निपुणता और देशभक्ति की भावना झलकती है।
हालांकि, यह समझना ज़रूरी है कि संविधान की धाराएँ डॉ. बी.आर. अंबेडकर की अध्यक्षता वाली संविधान सभा ने तैयार की थीं। लेकिन उसकी अंतिम प्रति को सुंदर और स्थायी रूप देने का काम प्रेम बिहारी जी ने किया।
आज भी जब हम भारत के संविधान की झलक देखते हैं, तो उसमें न केवल कानून की शक्ति होती है, बल्कि एक कलाकार के हाथ की छाप भी होती है। उनके इस योगदान को याद र
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