शिक्षक के कार्य: ज्ञान का दीप जलाने वाला हाथ

शिक्षक केवल पाठ पढ़ाने वाला व्यक्ति नहीं, बल्कि समाज की नींव रखने वाला निर्माता होता है। उसका मुख्य कार्य बच्चों को पढ़ाना ज़रूर होता है, लेकिन वह केवल किताबी ज्ञान नहीं देता। वह वह विषय पढ़ाता है जिसमें वह विशेष रूप से निपुण होता है। इससे बच्चों को सही दिशा मिलती है।

लेकिन शिक्षक का दायित्व सिर्फ कक्षा तक सीमित नहीं होता। उसे नए तरीकों से पढ़ाने की खोज करनी चाहिए। आज के दौर में छात्रों को आकर्षित रखने के लिए श्यामपट्ट, चार्ट, ऑडियो-विजुअल सामग्री जैसे शिक्षण सहायक साधन बहुत महत्वपूर्ण हैं। शिक्षक को इन्हें जमा करना आना चाहिए और उनका समझदारी से उपयोग करना चाहिए।

सफल शिक्षण के लिए शिक्षक को कक्षा से परे भी सोचना पड़ता है। वह बच्चों के गृहकार्य की योजना बनाता है, ताकि घर में भी उनकी पढ़ाई जारी रहे। सबसे बड़ी ज़िम्मेदारी उनमें सीखने की ललक पैदा करने की होती है

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