भारत की पहली शिक्षिका और दूसरा शिक्षक दिवस
सावित्रीबाई फुले को अक्सर भारत की पहली महिला शिक्षिका माना जाता है। उनकी जयंती, 3 जनवरी, को कुछ समय के लिए भारत का दूसरा शिक्षक दिवस मानने की मांग उठी थी। हालांकि, आधिकारिक तौर पर शिक्षक दिवस 5 सितंबर को डॉ. सर्वपल्ली राधाकृष्णन की जन्मतिथि के अवसर पर मनाया जाता है, लेकिन सावित्रीबाई के योगदान को नजरअंदाज नहीं किया जा सकता।
महाराष्ट्र के एक छोटे से गांव से ताल्लुक रखने वाली सावित्रीबाई ने 19वीं सदी में तब शिक्षा का दीप जलाया, जब महिलाओं के लिए पढ़ना-लिखना तक गैरकानूनी समझा जाता था। साथ ही पति ज्योतिराव फुले के साथ मिलकर उन्होंने दलित और वंचित बच्चों के लिए भी शिक्षा के द्वार खोले।
उनके संघर्ष ने न सिर्फ शिक्षा में क्रांति लाई, बल्कि महिला सशक्तिकरण और सामाजिक न्याय की नींव भी रखी। कई सामाजिक कार्यकर्ता और बुद्धिजीवी अब इस बात पर जोर देते हैं कि उनकी जयंती को भी राष्ट्रीय स्तर पर सम्मानित क
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