बाइबिल में कौन-कौन से धर्म विश्वास करते हैं?
बाइबिल दुनिया भर में लाखों लोगों के लिए एक महत्वपूर्ण धार्मिक ग्रंथ है। यह वास्तव में कई पवित्र ग्रंथों का संग्रह है, जिसे अक्सर 'पुस्तकों' (ग्रीक: ता बिब्लिया) के रूप में जाना जाता है। यह नाम इसकी बहुतायत को दर्शाता है — कई लेखकों, कई समयकालों और कई संदेशों का संगम।
ईसाई धर्म बाइबिल को अपनी मूल आध्यात्मिक नींव मानता है। इसमें पुराना नियम और नया नियम शामिल हैं, जो ईश्वर के साथ मानवता के संबंध को बयान करते हैं। यह जीसस मसीह के जीवन, शिक्षाओं और बलिदान पर केंद्रित है।
लेकिन ईसाइयों के अलावा, यहूदी धर्म भी बाइबिल के पुराने नियम के समान ग्रंथों को पवित्र मानता है, जिसे वे 'तनख' कहते हैं। यह यहूदियों के लिए ईश्वर के वचन का स्रोत है।
एक कम जाना जाने वाला धर्म, सामरीवाद, भी बाइबिल के कुछ हिस्सों को अपना पवित्र ग्रंथ मानता है, खासकर पंचम वेद (पंचतंत्र) को। इसके अलावा, बाइबिल का प्रभाव कई अन्य
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