लड्डू गोपाल की छाती पर पैर का निशान क्यों है?
भगवान लड्डू गोपाल की छाती पर पैर के निशान के पीछे एक गहरी और प्रसिद्ध कथा छुपी है। कहा जाता है कि एक बार महर्षियों के बीच ब्रह्मा, विष्णु और शिव में से कौन सबसे श्रेष्ठ है, इस पर बहस छिड़ गई। जब कोई निष्कर्ष नहीं निकला, तो त्रिदेवों के गुणों का निर्णय करने की जिम्मेदारी महर्षि भृगु को सौंपी गई।
ऋषि भृगु ने तीनों देवताओं की परीक्षा लेने का फैसला किया। सबसे पहले वे ब्रह्मा के पास गए, फिर महादेव के पास, लेकिन दोनों जगह उन्हें अपमान महसूस हुआ। अंततः वे विष्णु के पास पहुंचे। वह समय विष्णु योग निद्रा में थे। भृगु ने उन्हें जगाने की कोशिश की, लेकिन जब कोई प्रतिक्रिया नहीं मिली, तो क्रोधित होकर उन्होंने अपना पैर विष्णु की छाती पर मार दिया।
विष्णु जागे, लेकिन न तो क्रोधित हुए, न भृगु को डांटा। बल्कि, उन्होंने ऋषि के पैर को धोकर शीश पर रख दिया और क्षमा मांगी। इस विनम्रता और धैर्य ने भृगु को
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