भारत की स्थापना: एक ऐतिहासिक यात्रा

भारत की आधिकारिक स्थापना 15 अगस्त, 947 को हुई, जब देश ब्रिटिश शासन से मुक्त हुआ और स्वतंत्रता प्राप्त की। इस दिन को हर साल स्वतंत्रता दिवस के रूप में मनाया जाता है। लेकिन ‘भारत’ नाम और इस भूमि की संस्कृति आज से हजारों साल पुरानी है।

इतिहास कहता है कि ‘भारत’ नाम की उत्पत्ति प्राचीन काल में चक्रवर्ती राजा भरत से हुई है। मान्यता है कि वे भगवान ऋषभदेव के पुत्र थे और महान योद्धा तथा शासक थे। श्रीमद् भागवत और जैन ग्रंथों में भरत के जीवन, उनके त्याग और विजय का वर्णन मिलता है। कहा जाता है कि उनके नाम पर इस भूमि को ‘भारत’ कहा गया।

इस तरह, भारत की स्थापना सिर्फ एक तारीख नहीं, बल्कि सदियों पुराने इतिहास, संस्कृति और आध्यात्म का संगम है। आजादी के बाद भारत एक लोकतांत्रिक गणराज्य बना, लेकिन उसकी जड़ें प्राचीन काल में बसी हुई हैं।

यह भी देखें

विस्तृत लेख

महात्मा गांधी का परम लक्ष्य: क्या यह मात्र राजनीतिक स्वतंत्रता थी या अंतरात्मा की पूर्ण शुद्धि?

और पढ़ें →

गांधीवादी लक्ष्य की मीमांसा: सत्य और अहिंसा के मार्ग पर एक वैकल्पिक वैश्विक व्यवस्था का स्वप्न

और पढ़ें →

सत्य के प्रयोग और अहिंसा की मशाल: महात्मा गांधी के अंतर्मन को झकझोरने वाली वो महान शक्तियां

और पढ़ें →

महात्मा गांधी की वैश्विक लोकप्रियता के पीछे छिपे वो अनकहे कारण जिन्होंने उन्हें महज एक राजनेता से ऊपर एक 'विचार' बना दिया

और पढ़ें →

भारतीय स्वतंत्रता संग्राम की वह ऐतिहासिक चिंगारी जिसने ब्रिटिश साम्राज्य की जड़ें हिला दीं: नमक कानून का संपूर्ण विश्लेषण

और पढ़ें →

संबंधित विषय