भारत का नाम कैसे पड़ा?
भारत के नाम की उत्पत्ति प्राचीन काल की एक महत्वपूर्ण आख्यायिका से जुड़ी है। प्रचलित मान्यता के अनुसार, इस देश का नाम ऋषभदेव के पुत्र भरत के नाम पर पड़ा है। पुराणों में वर्णित है कि नाभिराज के पुत्र ऋषभदेव थे, जो जैन धर्म के अनुसार प्रथम तीर्थंकर भी माने जाते हैं। ऋषभदेव के पुत्र का नाम भरत था, जो एक शक्तिशाली चक्रवर्ती राजा बने।
स्कन्द पुराण के अध्याय ३७ में स्पष्ट उल्लेख है — "ऋषभदेव नाभिराज के पुत्र थे, ऋषभ के पुत्र भरत थे, और इनके ही नाम पर इस देश का नाम 'भारतवर्ष' पड़ा।" यह परंपरा हिन्दू एवं जैन दोनों परंपराओं में समान रूप से स्थापित है।
समय के साथ यह नाम विस्तृत होते हुए संस्कृत ग्रंथों में "भारतवर्ष" के रूप में प्रचलित हुआ। आज भी यह नाम न केवल भौगोलिक पहचान दिलाता है, बल्कि एक गौरवशाली सांस्कृतिक विरासत का प्रतीक भी है।
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