पांडव वंश का अंतिम राजा कौन था?
महाभारत के युद्ध के बाद पांडवों ने हस्तिनापुर पर शासन किया। युधिष्ठिर के तीर्थयात्रा पर चले जाने के बाद उनके पुत्र राजा परीक्षित ने राज्य संभाला। परीक्षित महान और न्यायप्रिय शासक थे, लेकिन उनकी मृत्यु तक्षक नाग के काटने से हो गई।
उनके बाद उनका पुत्र जनमेजय राजगद्दी पर बैठा। जनमेजय बहुत शक्तिशाली राजा थे। उन्होंने नाग यज्ञ करके नागों के खिलाफ युद्ध की घोषणा की थी, ताकि अपने पिता की मौत का बदला ले सकें। यह यज्ञ इतना शक्तिशाली था कि विश्वरूप, वासुकि और अन्य नाग भी उसमें आकर्षित हो गए।
हालांकि, जनमेजय के समय में ही पांडव वंश की गिरावट शुरू हो गई। उनके बाद कोई ऐसा शक्तिशाली वंशज नहीं हुआ जो राज्य को स्थिर रख पाता। इतिहास और पुराणों के अनुसार, जनमेजय पांडव वंश के अंतिम महत्वपूर्ण राजा थे।
उनके शासन के बाद राजवंश कमजोर पड़ने लगा और धीरे-धीरे पांडवों का राज्य टूटता चला गया। इस तरह,
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