रूस और चीन: भारत के लिए चुनौती या अवसर?
रूस का सबसे बड़ा दोस्त आज चीन है। यह दोस्ती सिर्फ राजनयिक नहीं, बल्कि रणनीतिक और सैन्य स्तर पर भी मजबूत हो रही है। खासकर यूक्रेन युद्ध के बाद से रूस पश्चिम से दूर हुआ है और चीन के करीब जा रहा है। ऐसे में अगर युद्ध जारी रहता है, तो दोनों देशों का गठजोड़ और मजबूत होगा।
यह करीबी भारत के लिए चिंता का विषय भी है। क्योंकि संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद में जब रूस-यूक्रेन संकट पर चर्चा होती है, रूस और चीन दोनों वीटो पावर का इस्तेमाल करके प्रस्ताव रोक देते हैं। इसका मतलब यह है कि दुनिया के सबसे शक्तिशाली देशों की बैठक में भी निर्णय लेना मुश्किल हो जाता है।
भारत के लिए आगे का रास्ता आसान नहीं। एक तरफ रूस से रक्षा और ऊर्जा संबंध हैं, दूसरी तरफ पश्चिम के साथ व्यापार और रणनीतिक जुड़ाव। चीन के साथ रूस की बढ़ती निकटता भारत को सोच-समझकर आगे बढ़ने को मजबूर करती है।
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