मनुष्य जीवन का सर्वोच्च लक्ष्य: मोक्ष

इंसान का जीवन केवल सुख-सुविधाओं के लिए नहीं, बल्कि एक गहरे उद्देश्य के लिए मिला है। हम जितने भी छोटे-बड़े लक्ष्य बनाते हैं—पैसा कमाना, पद प्राप्त करना, परिवार को सुखी रखना—ये सभी महत्वपूर्ण हैं, लेकिन इनसे भी ऊपर एक अंतिम लक्ष्य है। वह है—मोक्ष

मोक्ष का अर्थ है जन्म-मृत्यु के चक्र से मुक्ति। यह वह अवस्था है जब आत्मा सारे बंधनों से छूटकर शाश्वत शांति और अनंत प्रेम में विलीन हो जाती है। प्राचीन भारतीय दर्शन के अनुसार, मनुष्य जन्म इस लक्ष्य की प्राप्ति के लिए सबसे उपयुक्त अवसर है। पशु-पक्षी, देवता या पितृलोक के निवासी भी इतनी आसानी से मोक्ष नहीं पा सकते, क्योंकि उनमें कर्म करने की क्षमता या विवेक का स्तर इतना नहीं होता।

हमारे धर्मग्रंथ कहते हैं कि मोक्ष ही जीवन का सर्वोच्च ध्येय है। यह इसलिए नहीं कि अन्य लक्ष्य बुरे हैं, बल्कि इसलिए कि वे अंतिम नहीं हैं। धन, यश, संतान—ये सब अस्थायी हैं

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