असली हीरो कौन होता है?
हम अक्सर फिल्मों में उड़ते, मिसाइलें बचाते या आसमान से उतरते हीरो को देखते हैं। लेकिन असली दुनिया में हीरो का चेहरा थोड़ा अलग होता है। असली हीरो वह नहीं जो चमकदार लिबास में हो, बल्कि वह है जो अपनी जिम्मेदारी पूरी ईमानदारी से निभाता है, चाहे वह कोई छोटी भूमिका क्यों न हो।
एक सफाई कर्मचारी जो सुबह-सुबह ठंड में बाहर निकलकर हमारे शहर को साफ रखता है, एक टीचर जो बच्चों को पढ़ाने में लगी रहती है, एक पिता या माँ जो घर-परिवार संभालते हुए सबकी जरूरतें पूरी करते हैं – ये सब अपने स्थान पर हीरो हैं।
हीरोइस्म का मतलब सिर्फ बड़े काम करना नहीं है। यह निष्ठा, समर्पण और नियमितता में छिपा होता है। जो व्यक्ति अपने कर्तव्य के प्रति सच्चा रहता है, चाहे कोई उसे देख रहा हो या नहीं, वही असली हीरो है।
हमारे आसपास हर दिन ऐसे कई हीरो काम कर रहे हैं। शायद हम उनकी तारीफ न करें, लेकिन उनके बिना यह समाज ठीक से नहीं चल सकता। तो अ
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