भारत में नागरिकता कैसे मिलती है?

भारत के संविधान के तहत, देश में एकल नागरिकता का प्रावधान है। इसका अर्थ यह है कि कोई भी व्यक्ति एक समय में केवल एक ही देश का नागरिक हो सकता है। अगर कोई भारतीय नागरिक दूसरे देश की नागरिकता अपनाता है, तो उसकी भारतीय नागरिकता तुरंत समाप्त मानी जाती है। यह नियम सभी हालातों में लागू होता है, सिवाय इसके कि देश युद्धकाल में हो।

नागरिकता के तीन तरीके

भारत में नागरिकता प्राप्त करने के तीन मुख्य तरीके हैं – जन्म के आधार पर, उत्तराधिकार के आधार पर, और पंजीकरण या नागरिकता अधिनियम के तहत। 1955 के नागरिकता अधिनियम के तहत, जन्म के आधार पर नागरिकता पहले सबसे बड़ा तरीका था, लेकिन 2004 के संशोधन के बाद इसमें कड़ाई आई। अब किसी बच्चे को भारत में जन्म होने पर भी नागरिकता तभी मिलती है जब उसके माता-पिता की नागरिकता या स्थायी निवास हो।

इसके अलावा, भारतीय मूल के लोग (PIO) या नागरिकता छोड़ चुके पुराने नागरिक भी विशेष परिस्थितियो

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