भारत में नागरिकता की अवधारणा कहाँ से ली गई है?

भारत में नागरिकता की अवधारणा को इंग्लैंड से लिया गया है। भारत के संविधान में एकल नागरिकता का प्रावधान है, जिसका अर्थ है कि प्रत्येक भारतीय नागरिक पूरे देश के लिए नागरिक है, न कि किसी विशेष राज्य का। यह व्यवस्था ब्रिटिश संविधान से प्रेरित है।

इंग्लैंड के संविधान से प्रेरणा

हालाँकि भारत के संविधान में कई तत्व विभिन्न देशों से लिए गए हैं, पर नागरिकता के मामले में इंग्लैंड का सीधा प्रभाव दिखाई देता है। ब्रिटिश शासन के दौरान, भारतीय भी ब्रिटिश नागरिक माने जाते थे, और स्वतंत्रता के बाद भी इसी एकल प्रणाली को आगे बढ़ाया गया। इससे राष्ट्रीय एकता को मजबूती मिली है।

अन्य देशों जैसे संयुक्त राज्य अमेरिका में दोहरी नागरिकता की व्यवस्था है, जहाँ व्यक्ति संघ और राज्य दोनों का नागरिक होता है, लेकिन भारत में ऐसा नहीं है।

एक राष्ट्र, एक नागरिकता

भारत के संविधान के अनुच्छेद 5 से 11 में नागरिकता के न

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