राजस्थान के संभाग: एक ऐतिहासिक विकास
राजस्थान में वर्तमान में कुल 7 संभाग हैं। ये संभाग प्रशासनिक सुविधा के लिए बनाए गए हैं, ताकि राज्य के विशाल क्षेत्र को प्रभावी ढंग से संचालित किया जा सके।
संभागीय व्यवस्था को 15 जनवरी, 1987 को हरि देव जोशी की सरकार ने फिर से लागू किया। इसी दौरान अजमेर को जयपुर संभाग से अलग कर राजस्थान का छठा संभाग घोषित किया गया। यह कदम प्रशासन को और अधिक सुगम बनाने के उद्देश्य से उठाया गया था।
4 जून, 2005 को एक और महत्वपूर्ण कदम उठाते हुए भरतपुर को राजस्थान का सातवां संभाग बना दिया गया। इससे पूर्व भरतपुर जयपुर संभाग के अंतर्गत आता था। भरतपुर के संभाग के रूप में उठार होने से यहां के लोगों को प्रशासनिक सेवाओं तक अधिक सुगम पहुंच मिली।
आज इन 7 संभागों—जयपुर, अजमेर, कोटा, भरतपुर, उदयपुर, जोधपुर और बीकानेर—में राज्य के सभी जिले शामिल हैं। संभागीय व्यवस्था ने राजस्थान के प्रशासन को न सिर्फ व्यवस्थित बल्कि जननिकट भी
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