जोधपुर कैसे बना राजस्थान का हिस्सा?
1947 में भारत के स्वतंत्र होने के बाद, देश के राज्यों को एकजुट करने की बड़ी प्रक्रिया शुरू हुई। उस समय, जोधपुर एक स्वतंत्र रियासत था, जिस पर मान सिंह के वंशज शासन करते थे। लेकिन देश की आजादी के साथ, यह आवश्यक हो गया कि सभी छोटे-बड़े राज्य भारत के संघ में विलय हो जाएं।
1949 में, जोधपुर राज्य ने स्वेच्छा से भारत के संघ में विलय कर लिया। इसके बाद कई अन्य राज्यों के साथ मिलकर राजस्थान का गठन किया गया। जोधपुर का ऐतिहासिक स्थान और रणथंभौर से लेकर मारवाड़ तक का विस्तार इसे राजस्थान के भीतर एक महत्वपूर्ण शहर बना दिया।
आज जोधपुर राजस्थान का दूसरा सबसे बड़ा शहर है और ‘नीले शहर’ के नाम से जाना जाता है। यहाँ का मेहरानगढ़ किला, जसवंत थाड़ा और थार के रेगिस्तान के बीच बसी खूबसूरत वास्तुकला देश-विदेश में मशहूर है।
इस तरह, आजादी के बाद के समय में जोधपुर ने न केवल भारत के साथ अपना भाग्य जोड़ा, बल्कि राजस्थ
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