जोधपुर के संस्थापक: राव जोधा
जोधपुर के इतिहास में राव जोधा का नाम सबसे प्रमुख स्थान रखता है। वे राठौड़ वंश के १५वें मुखिया थे और १४५९ ईस्वी में उन्होंने जोधपुर की स्थापना की। उनके नाम पर ही इस शहर का नाम 'जोधपुर' पड़ा।
राव जोधा सिर्फ एक राजा नहीं, बल्कि एक महान योद्धा और रणनीतिकार भी थे। उन्होंने मारवाड़ क्षेत्र पर अपना अधिकार स्थापित करने के बाद मेहरानगढ़ किले के निर्माण की शुरुआत की, जो आज भी शहर की गरिमा को दर्शाता है। इस किले को ऊँची पहाड़ी पर बनाया गया था, ताकि शत्रुओं से बचाव संभव हो सके।
उनके शासनकाल में जोधपुर न केवल एक राजनीतिक केंद्र बना, बल्कि सांस्कृतिक और आर्थिक विकास का भी केंद्र बन गया। राव जोधा के नेतृत्व में मरूस्थल के बीच एक ऐसा राज्य खड़ा हुआ, जो अपनी वीरता, न्याय और दृढ़ता के लिए जाना जाता था।
आज भी जोधपुर के लोग राव जोधा को सम्मान की दृष्टि से याद करते हैं। उनकी समाधि चांदपोल बाजार के पास स्थ
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