ईश्वर: क्या वह सच में हैं?
ईश्वर के अस्तित्व का सवाल सदियों से मनुष्य के मन में उमड़ता रहा है। कई लोग उन्हें देखे बिना भी मानते हैं, तो कई साक्षात दर्शन की प्रतीक्षा में जीवन बिता देते हैं। ईश्वर, जिसे हम भगवान, परमात्मा या परमेश्वर कहते हैं, एक सर्वोच्च परालौकिक शक्ति हैं, जो इस संसार के सृजन, संचालन और संहार के पीछे मानी जाती है।
शब्द की उत्पत्ति संस्कृत के 'ईश्' धातु से हुई है, जिसका अर्थ है 'नियंत्रित करना'। इस पर 'वरच्' प्रत्यय लगाकर 'ईश्वर' शब्द बना, जो उस सर्वशक्तिमान को दर्शाता है जो सब पर आधिपत्य रखता है। अधिकतर धर्मों में ईश्वर की कल्पना ब्रह्माण्ड की संरचना से गहराई से जुड़ी है। चाहे वह हिंदू धर्म के त्रिमूर्ति – ब्रह्मा, विष्णु, महेश – हों, या इस्लाम के अल्लाह, ईसाई धर्म के परमपिता – भले नाम अलग हों, लेकिन विश्वास का सार एक ही है।
ईश्वर का अस्तित्व विज्ञान नहीं सिद्ध कर सकता, पर उसकी अनुभूति लाखों लोगों ने अपने जीवन में की है। क्या व
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