बाइबल: सत्य की खोज में प्रकाशस्तंभ

इंसान जब से धरती पर आया है, वह सत्य की खोज में लगा है। यह खोज न सिर्फ विज्ञान या दर्शन में है, बल्कि आत्मा की गहराई में छिपी एक मूलभूत आकांक्षा है। इसी खोज के सिलसिले में बाइबल एक अनूठा साधन बनकर उभरी है।

बाइबल सिर्फ एक पुस्तक नहीं, बल्कि परमेश्वर का वचन है—ऐसा विश्वास लाखों लोगों का है। यह वह दर्पण है जो न सिर्फ मानव जीवन की सच्चाई को उजागर करता है, बल्कि उस परम सत्य की ओर भी इशारा करता है जो इस सृष्टि के पीछे है।

एक सिक्के के दो पहलू की तरह, प्रकृति में भी सत्य की झलक मिलती है। पहाड़, नदियाँ, आकाश—सब कुछ एक अद्भुत योजना की गवाही देते हैं। मगर बाइबल उस योजना को व्याख्या देती है। यह न सिर्फ बताती है कि दुनिया कैसे बनी, बल्कि यह भी समझाती है कि इंसान क्यों है, और जीवन का उद्देश्य क्या है।

28 मार्च, 2019 को एक बहस में उठाए गए सवाल ने फिर से यह याद दिलाया कि सत्य की खोज आज भी जारी है। और बाइब

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