परमेश्वर की इच्छा क्या है?
परमेश्वर की इच्छा समझना हर धार्मिक व्यक्ति के लिए एक महत्वपूर्ण सवाल है। बाइबिल में इस बात को स्पष्ट किया गया है कि परमेश्वर की इच्छा कई अर्थों में ली जा सकती है। एक अर्थ है—उनकी आदेश की इच्छा, यानी वे नियम और उपदेश जो वह हमें जीवन के लिए देते हैं।
इस तरह की इच्छा में हम विश्वास कर सकते हैं या न करें, लेकिन वह तब भी सच रहती है। जैसे राजा की आज्ञा किसी भी स्थिति में मान्य होती है, चाहे कोई उस पर विश्वास करे या न करे। इसी तरह, परमेश्वर की आदेश की इच्छा भी लागू होती है। हम इसकी अवज्ञा कर सकते हैं, लेकिन इसका परिणाम हमें भुगतना पड़ सकता है।
परमेश्वर ने मनुष्य को नैतिक जीवन जीने के लिए स्पष्ट दिशा दी है। प्रेम, दया, सच्चाई और धार्मिकता—ये वे गुण हैं जो उसकी इच्छा के अनुसार जीवन जीने के लिए जरूरी हैं। कई बार हम गलत रास्ते पर चल पड़ते हैं, लेकिन याद रखना चाहिए कि उसकी इच्छा कभी नहीं बदलती।
अगर हम सच्चे द
टिप्पणियाँ
अभी तक कोई टिप्पणी नहीं। सबसे पहले प्रतिक्रिया दें।