क्या यहूदी लोग नमाज पढ़ते हैं?
हाँ, यहूदी लोग भी अपने तरीके से ईश्वर की आराधना करते हैं, जिसे नमाज कहा जा सकता है। हालांकि, इस्लाम की तरह नियमित रूप से पांच बार नमाज नहीं पढ़ी जाती, लेकिन यहूदी धर्म में प्रार्थना का गहरा स्थान है। यहूदी लोग सुबह, दोपहर और शाम को अपने सिनेगॉग (प्रार्थना स्थल) में या घर पर प्रार्थना करते हैं।
दरअसल, यहूदी धर्म दुनिया के सबसे पुराने एकेश्वरवादी धर्मों में से एक है। इसी से बाद में ईसाई धर्म और इस्लाम धर्म का उदय हुआ। इस्लाम में ईश्वर की एकता, जकात, रोजा, हज, खतना, सूद पर प्रतिबंध, हलाल-हराम की अवधारणा, पवित्र दिन (सब्बाब), और कयामत में विश्वास जैसी कई बातें यहूदी धर्म से प्रभावित हैं।
यहूदी लोग सप्ताह में एक बार शनिवार को 'सब्बाब' के दिन विशेष प्रार्थना करते हैं, जो इस्लाम में जुमे की नमाज के समान महत्व रखता है। दोनों धर्मों में समुदाय के रूप में उम्माह या यहूदी समुदाय की भावना भी मजबूत है।
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