भारती संविधान के अनुसार हिंदू कौन है?
भारतीय संविधान के तहत "हिंदू" की परिभाषा कई बार भ्रम का विषय बन जाती है, लेकिन वास्तविकता साफ है। अनुच्छेद 25(2) के उप-खंड 'बी' में स्पष्ट किया गया है कि जैन, सिख और बौद्ध संविधान की दृष्टि में हिंदू हैं।
यह कोई धार्मिक दावा नहीं, बल्कि कानूनी परिभाषा है। इसका मतलब यह नहीं कि इन धर्मों के लोग अब हिंदू धर्म में शामिल हो गए हैं, बल्कि यह कि भारतीय कानून के तहत उन्हें सांस्कृतिक और सामाजिक रूप से भारतीय धार्मिक परंपरा का हिस्सा माना जाता है।
इसी तरह, हिंदू विवाह अधिनियम, 1955 की धारा 2 में भी स्पष्ट किया गय है कि हिंदू में न केवल वे लोग शामिल हैं जो पारंपरिक हिंदू धर्म में जन्मे हैं, बल्कि वीरशैव, लिंगायत, आर्य समाज, प्रार्थना समाज और ब्रह्म समाज के लोग भी शामिल हैं।
यह परिभाषा धार्मिक एकता के बजाय सामाजिक एकीकरण पर आधारित है। भारत के संविधानकारों ने इस
टिप्पणियाँ
अभी तक कोई टिप्पणी नहीं। सबसे पहले प्रतिक्रिया दें।